केंद्रीय टीम ने जानी फाइलेरिया अभियान की हकीकत

केंद्रीय टीम ने जानी फाइलेरिया अभियान की हकीकत

प्रमोद कुमार 

वेक्टर बोर्न डिजीज की संयुक्त निदेशक डॉ छवि पंत ने जिले के विभिन्न क्षेत्रों में किया दौरा

हाजीपुर, 25 मार्च। जिले में फाइलेरिया उन्मूलन अभियान शुरू हो चुका है। अभियान को सफल बनाने के लिए स्वास्थ्य विभाग की टीम घर-घर जाकर लोगों को फाइलेरिया रोधी दवा खिला रही है। शुक्रवार को भारत सरकार में वेक्टर बोर्न डिजीज की संयुक्त निदेशक डॉ छवि पंत ने जिले के विभिन्न क्षेत्रों का दौरा कर अभियान की स्थिति को जाना।

उन्होंने महुआ के डगरू गांव, मिल्की चकसिया, पटेरी बेलसर आदि जगहों का दौरा कर लोगों को फाइलेरिया रोग से होने वाली परेशानी के बारे में अवगत कराया। डॉ छवि ने स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं और सुपरवाइजर्स से अभियान के दौरान आ रही चुनौतियों पर भी बात की। 

लाभार्थियों को अपने सामने दवा खिलाएं-
इस दौरान डॉ छवि पंत ने कहा कि हमें यह सुनिश्चित करना है कि सभी पात्र लाभार्थियों को स्वास्थ्य कर्मी अपने सामने फाइलेरिया रोधी दवा का सेवन करायें, क्योंकि हमें दवा खिलानी है बांटनी नहीं ।

साथ ही अभियान की सफलता के लिए के लिए व्यापक प्रचार प्रसार चलाते रहने की जरूरत है। जिससे समुदाय में फाइलेरिया रोधी दवाओं के प्रति विश्वास बढ़ेगा। हमें फ्रंटलाइन वर्कर्स को भी जागरूक करने की जरूरत है। ताकि वह आम लोगों को दवा सेवन के महत्व को समझा सकें। उन्होंने कहा कि इसके लिए प्रखण्ड स्तरीय स्वास्थ्य कर्मियों को आशा एवं एएनएम के साथ बेहतर संवाद स्थापित करने की जरूरत होगी। 

ग्रामीण क्षेत्र में 1729 और शहरी में 121 टीम करेगी गृह भ्रमण-
जिला वेक्टर बोर्न डिजीज कंट्रोल अधिकारी डॉ सत्येन्द्र प्रसाद सिंह ने बताया कि मास ड्रग एडमिनिसट्रेशन (आईडीए) अभियान के दौरान जिले में 40,70,668  लोगों को ग्रामीण, जबकि 3,02,101 लोगों को शहरी क्षेत्र में दवा खिलाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

इसके लिए ग्रामीण क्षेत्र में 1729 और शहरी में 121 टीम को लगाया गया है।  अभियान के दौरान ग्रामीण क्षेत्र में 5,94,801 घरों और शहरी क्षेत्र के 44,143 घरों तक कर्मी भ्रमण करेंगे। इस दौरान वे अपनी निगरानी में दवा खिलाएंगे। दो साल से कम उम्र के बच्चों, गर्भवती महिलाओं और गंभीर रोग से ग्रस्त लोगों को दवा नहीं खिलाई जायेगी।

अभियान के लिए 185 पर्यवेक्षक की तैनाती की गई है। वहीं 17 रैपिड रिस्पांस टीम हर परिस्थिति के लिए तैयार किए गए हैं। इस अवसर पर विश्व स्वास्थ्य संगठन के राज्य समन्वयक डॉ राजेश पांडेय, डब्ल्यूएचओ से डॉ माधुरी, चाय से डॉ मानिक, केयर से विकास सिन्हा, सुमित कुमार, सोमनाथ ओझा, जीएचएस से दीपक मिश्रा, पीसीआई के अशोक सोनी आदि उपस्थित रहे।