बच्चों के स्वर्णिम भविष्य के लिए जरूर कराएं स्वर्णप्राशन

बच्चों के स्वर्णिम भविष्य के लिए जरूर कराएं स्वर्णप्राशन


 
- 8 मई को जीवन धारा पंचकर्म क्लिनिक में निःशुल्क होगा स्वर्णप्राशन
- 20 नए बच्चों को किया जाएगा निबंधित 

प्रमोद कुमार 

मुजफ्फरपुर, 29 अप्रैल।   
आयुर्वेद में 16 संस्कारों का विधान है। जिसमें एक है स्वर्णप्राशन। बच्चों के जन्म के समय किया जाने वाला यह संस्कार वैद्यों द्वारा मंत्रोच्चार के साथ पुष्य नक्षत्र में स्वर्ण भस्म युक्त स्वर्णप्राशन कराया जाता है। शहर में इसका आयोजन 8 मई पुष्य नक्षत्र के दिन 52 बीघा स्थित जीवन धारा पंचकर्म क्लिनिक में होगा। 1 मई से रजिस्ट्रेशन भी आरंभ है। जिसमें पुराने बच्चों के अलावा 20 नए बच्चों को निःशुल्क स्वर्णप्राशन कराया जाएगा। यह जीरो से 16 साल तक के बच्चों को कराया जाता है। 
स्वर्णप्राशन की महत्ता बताते हुए नितिश्वर आयुर्वेद मेडिकल कॉलेज के असिस्टेंट प्रोफेसर वैद्य पवन कुमार कहते हैं कि यह पद्धति 5 हजार साल पुरानी है। जिसके सेवन मात्र से बच्चों में रोग प्रतिरोधक क्षमता का विकास होता है। जो उनके स्वस्थ जीवन की परिकल्पना को साकार करती हैं। 

इम्युन व एलर्जी की दवा भी दी जाएगी निःशुल्क :
वैद्य पवन कुमार ने कहा कि 8 मई को स्वर्णप्राशन के अलावा बच्चों को एक और प्रकार की रोग प्रतिरोधक दवा के साथ एलर्जी की दवा भी वितरीत की जाएगी। जिससे मौजूदा विषाक्त वातावरण से बच्चों की सुरक्षा हो सके।
 
एईएस में भी है कारगर :
वैद्य पवन कुमार ने कहा कि स्वर्णप्राशन बच्चों में एईएस की संभावना भी कम करता है। कुछ समय पहले गोरखपुर में स्वर्णप्राशन से एईएस के प्रभाव को कम करने में काफी सहायता मिली थी। वैद्य पवन कुमार कहते हैं कि मैं मुजफ्फरपुर में भी एईएस प्रभावित क्षेत्रों में स्वर्णप्राशन कराने को लेकर जिलाधिकारी, सिविल सर्जन को भी पत्र लिख चुका हूं, पर अभी तक उस संबंध में कोई जानकारी मुझ तक नहीं पहुंची है।
 
स्वर्णप्राशन के फायदे :
बच्चों में रोग प्रतिरोधक क्षमता की वृद्धि होती है। जिसमें सामान्य मौसम में होने वाले रोगों से लड़ने की ताकत बढ़ती है। बच्चों में स्मरण शक्ति का विकास होता है। बच्चों में शारीरिक व मानसिक विकास होता है। पाचन शक्ति को बढ़ाता तथा शारीरिक बल में वृद्धि होती है।