एईएस-चमकी की चुनौती से निपटने के लिए तैयार : सीएस

एईएस-चमकी की चुनौती से निपटने के लिए तैयार : सीएस

-गांवों में संध्या चौपाल का आयोजन कर किया जा रहा जागरूक

प्रमोद कुमार 

शिवहर,12 अप्रैल।
गर्मी की धमक के साथ जिला में एईएस-चमकी की चुनौती का सामना करने के लिए जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड में है। हर परिस्थितियों से निपटने के लिए तैयारियां की गई हैं। सदर अस्पताल पीएचसी में अलग बेड एईएस पीड़ित बच्चों के इलाज के लिए सुरक्षित रखा गया है। अस्पतालों में इलाज के साथ जरूरी दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। इसके अलावा चिकित्सक, पारामेडिकल स्टाफ व कर्मियों को 24 घंटे रोस्टर के आधार पर ड्यूटी लगाई गई है। इसके अलावा जागरूकता के उद्देश्य से विभिन्न माध्यमों से व्यापक तौर पर प्रचार-प्रसार किया जा रहा है।

रात में बिना कुछ खिलाए नहीं सोने दे बच्चे को:
सिविल सर्जन डॉ एसके झा ने बताया कि एक्यूट इंसेफलाइटिस सिंड्रोम (चमकी बुखार) को लेकर हर तरह से अलर्ट है। पीएचसी स्तर तक चिकित्सीय सुविधाओं की तैयारी पूरी कर ली गई है। उन्होंने बताया कि समय पर रोग के लक्षण से पीड़ित बच्चों को चिकित्सा सुविधा उपलब्ध करा दी जाए तो वह बिल्कुल ठीक हो जाते हैं। इसका प्रकोप अक्सर अहले सुबह देखा गया है। इसके बचाव में किसी भी बच्चे को रात में बिना कुछ खाना खिलाए नहीं सुलाया जाना चाहिए। वहीं इस अवधि में बच्चे को तेज बुखार होने या अर्द्धबेहोशी की स्थिति आने पर तुरंत ही निकट के सरकारी अस्पताल में जाना चाहिए

गांवों में संध्या चौपाल का आयोजन :
भीबीडीसी मोहन कुमार ने बताया कि जिले में चमकी बुखार पर प्रभावी नियंत्रण के लिए गांव-गांव तक जन-जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं। इसके तहत गांवों में संध्या चौपाल का आयोजन किया जा रहा है। संध्या चौपाल का आयोजन कर लोगों को चमकी बीमारी को लेकर जागरूक किया जा रहा है। मोहन कुमार ने बताया कि किसी भी कीमत पर बच्चों को भूखे पेट नहीं सोने दें। अगर बच्चे को तेज बुखार हो तो तुरंत क्षेत्र की एएनएम, आशा, आंगनबाड़ी सेविका-सहायिका को सूचित करें। नजदीकी पीएचसी में ले जाकर समुचित उपचार कराएं।