चमकी को धमकी से दी जा रही मात

चमकी को धमकी से दी जा रही मात

- सीएस ने कहा पीएचसी स्तर तक तैयारी, किसी भी परिस्थिति से निपटने के लिए पूरी व्यवस्था

प्रमोद कुमार 

शिवहर, 16 अप्रैल।
एईएस-चमकी बुखार से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग अलर्ट पर है। इसको लेकर पीएचसी स्तर तक अपनी पूरी तैयारी के साथ किसी भी परिस्थिति से निपटने के लिए तैयारी कर ली गई है।

पिपराही पीएचसी में भी मुकम्मल तैयारी कर ली गई है। प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ रामाशंकर शाह ने बताया कि एईएस के मरीज चिह्नित होने पर इसका सहज रूप से इलाज किया जा सके, इसके लिए पूरी व्यवस्था कर ली गई है।

उन्होंने बताया कि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र  पिपराही में एईएस वार्ड स्थापित किया गया है। इस वार्ड में मरीजों को भर्ती करने के लिए दो बेड लगाए गए हैं। वार्ड को पूरी तरह से सैनिटाइज कर साफ सुथरा व स्वच्छ बनाया गया है। ताकि इस बीमारी से पीड़ित मरीजों का सहज रूप से इलाज किया जा सके। सभी जरूरी दवाइयां, उपकरण, ऑक्सीजन, एम्बुलेंस आदि सुविधाएं मौजूद हैं। 

रात में बिना कुछ खिलाए नहीं सोने दें बच्चे को:
सिविल सर्जन डॉ एसके झा ने बताया कि एक्यूट इंसेफलाइटिस सिंड्रोम (चमकी बुखार) को लेकर हर तरह से अलर्ट है। जिले के हर पीएचसी तक चिकित्सीय सुविधाओं की तैयारी पूरी कर ली गई है।

उन्होंने चमकी से बचाव को लेकर कहा कि किसी भी कीमत पर बच्चों को भूखे पेट नहीं सोने दें। अगर बच्चे को तेज बुखार हो तो तुरंत क्षेत्र की एएनएम, आशा, आंगनबाड़ी सेविका-सहायिका को सूचित करें। नजदीकी पीएचसी में ले जाकर समुचित उपचार कराएं।

गांवों में संध्या चौपाल का आयोजन :

भीबीडीसी मोहन कुमार ने बताया कि जिले में चमकी बुखार पर प्रभावी नियंत्रण के लिए गांव-गांव तक जन-जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं। इसके तहत गांवों में संध्या चौपाल का आयोजन किया जा रहा है। संध्या चौपाल का आयोजन कर लोगों को चमकी बीमारी को लेकर जागरूक किया जा रहा है।

मोहन कुमार ने बताया कि बीते 14 अप्रैल को विशेष ग्राम सभा आयोजित कर सभी पंचायतों में जनप्रतिनिधियों के साथ एईएस संवेदीकरण सह प्रशिक्षण कराया गया। इसके साथ ही जीविका का सहयोग लिया जा रहा है।